(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-6045993254306235", enable_page_level_ads: true }); apj Abdul Kalam - क्या आप ये पूरा सच जानते है - .

apj Abdul Kalam - क्या आप ये पूरा सच जानते है

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A. P. J. Abdul Kalam जिनका पूरा नाम अब्दुल पाकीज जैनुल आबदीन अब्दुल कलाम है !
जिनका जन्म 15 October 1931 में तमिलनाडु के एक छोटे से गाँव में हुआ था ! इनकी सुरुआती
पढाई इनके गाँव में ही हुई थी फिर इन्होने Physics से ग्रेजुएशन किया और उसके बाद airospace
Engineering कि पढाई की ! Abdul Kalam एक ऐसे हैसियत में सुमार रहे है. जो एक Scienctist
, मिसाइल मैन और देश के राष्ट्रपति भी रहे है ! और सबसे बड़ी बात भारत में मिसाइल को इजाद
करने का श्रेय Kalam Sir को हि जाता है !


तो चलिये आज हम कलाम सर के बारे मे वो सारी बाते जानेंगे जो हमें एक बड़ी Inspiration देने
का काम करती है ! वैसे मैंने देखा है कलाम सर के बारे में जो Biography इंटरनेट पर लिखी जा रही
है उसमे से ज्यादातर तो तुक्के मारे गए है !


लेकिन आज हम कलाम सर के बारे में वो बाते जानेंगे जो असल में उनके साथ हुआ था उनके बचपन
से लेकर उनके अंतिम दिनों तक के सफ़र पर गहराई से प्रकाश डाला जयेगा ! और हम ये जानेंगे कि
कैसे कलाम सर ने अपने पढ़ाई का सफ़र पूरा किया और कैसे उन्हें भी अपने करीयर को बनाने सवा -
रने में कठिनाईयों क सामना करना पड़ा जैसे कि हम सभी लोगो के साथ भी आम तौर पर पर ऐसा ही
होता है और यह भी जानेंगे की कैसे उन्होंने अपने Life के कठिन मुश्किलो का सामना करते हुये इतनी
बड़ी उपलब्धि हाशिल की और इतिहास के पन्नो में अपना नाम दर्ज कराया और हमेसा के लिए अमर
हो गये ! तो चलिए शुरू करते है ......



कलाम सर का निजी जीवन - Abdul Kalam Family

कलाम सर के पिता का नाम जैनुल आबदीन था जो एक मछुआरे का काम करते थे जो कि कश्ती
यानी कि नाव भी चलाते थे और और इनकी माता क नाम आशिया था जो घर के काम काज देखती
थी यानि गृहणी थी , कलाम सर का पूरा परिवार रामेश्वरम में 19 वी शदी में बने एक पक्के मकान में
रहता था ! वैसे देखा जाये तो कलाम सर का पूरा बचपन महफूज रहा जब कलाम सर 6 वर्ष के थे तब
उनके पिता ने लकड़ी की कश्ती यानि नाव बनाई थी !


जिससे कलाम सर और जलालुदीन जिससे उनके बहन का विवाह हुआ था यदि आम भाषा में कहे तो
जलालुदीन उनके जीजा थे ,, तो ये दोनों लोग उसी नाव से बाहर से आने वाले यात्रियों को समुन्दर की
सैर कराते थे !

*सीखना बंद तो जितना बंद - एक गजब की सीख 

कलाम सर के पिता जी जैनुल आबदीन हमेशा उनसे कहा करते थे कि जब आफत आये तो उसे समझने
कि कोशिश करो उससे घबराओ नही क्योकि मुश्किले हमें मजबूत बनाती है और आगे बढ़ने का हौशला
देती है ! कलाम सर ने हमेशा अपने जीवन में पिता की दी हुई सीख यहा तक कि Science & Technology
में भी apply किया !


कलाम सर का बचपन प्रभावित हुआ और सीख मिली 

अहमद जलालुदीन जो कि कलाम सर से 15 साल बड़े थे फिर भी उन दोनों में खूब जमती थी और अच्छी
दोस्ती हो गयी थी जलालुदीन ज्यादा पढ़े - लिखे तो नही थे लेकिन उन्हें अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान था और
वो हमेशा पढ़े - लिखे लोगो के बारे में हि हमेसा बात करते थे !



कलाम सर का एक चचेरा भाई था जिसका नाम था शमशुदीन , शमशुदीन अखबार बेचने का धंधा
करता था तो उसके अखबार रामेश्वरम में ट्रेन से आया करते थे लेकिन जब सन 1939 Second
World War छिड़ गयी तब उस समय किसी कारण वहा ट्रेन का रुकना कैंसिल हो गया था तो ट्रेन
उसी जगह से होकर गुजरती थी तो अख़बार को बिना रुके चलती ट्रेन में से फेक दिया जाता था
तब शमशुदीन को एक आदमी कि जरुरत पड़ने लगी तो उसने कलाम सर को इस काम के लिए
रख लिया और इस तरह कलाम सर अपने चचेरे भाई शमशुदीन की अख़बार समेटने में मदद करने
लगे कलाम सर कहते थे कि मेरी पहली आमदनी का कारण शमाशुदीन ही बना था ! यही घटना
कलाम सर के अख़बार बेचने के नाम से Popular हो गयी !




कलाम सर की शिक्षा - Education Detail of APJ Abdul Kalam

अब कलाम सर रामेश्वरम छोड़कर रामनाथ पुरम में जाकर पढ़ना चाहते थे तो उन्होंने अपनी 
प्रारम्भिक शिक्षा पूरी होते ही अपने पिता से रामनाथ पुरम में जाकर पढने कि बात कही और फिर 
उनका डिस्ट्रिक हेड क्वार्टर रामनाथ पुरम में High School में एडमिशन हुआ कलाम सर को 
रामनाथ पुरम तक छोड़ने अहमद जलालुदीन व शमशुदीन दोनों गये थे जो की अब कलाम सर के 
गहरे मित्र हो गए थे ! 


कलाम सर को वहा विल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन बात पढ़ाई की थी तो उन्हें वहा रहना 
ही पड़ा लेकिन वह घर आने का कोइ भी मौका नहीं छोड़ते थे और जब छुट्टी मिलती थी घर चले आते
थे ! 
*न्युटन कि ये पुरी रहस्यमही बात शायद ही आप जानते है | 

वहा पर एक टीचर जिनका नाम था अईया तोरई सोलानमन वो कलाम सर को बहुत गाइड करते थे 
और उनमे आगे चलकर गुरु - शिष्य गहरा रिश्ता बना कलाम सर के गुरु अईया तोरई ने कलाम सर 
को कहा था कि जीवन में सफल होने के लिए तिन बातो का होना बहुत जरुरी है   1 ) ख्वाहिस 
2 )  यकीन  3 ) उम्मीद 


कलाम सर बचपन में चिड़ियों को देखकर बहुत उत्साहित होते थे और वो सोचते थे कि एक दिन
मै भी इसी तरह आसमान में उड़ान भरूँगा ! हाई स्कूल करने के बाद कलाम सर का एडमिशन 
सन 1950 में इंटरमीडिएट में हुआ इंटरमीडिएट करने के बाद उन्होंने B.sc में एडमिशन लिया 
और उन्होंने फिजिक्स सब्जेक्ट चुना था !



बाद में उन्हें पता चला की  वो जिस Field में जाना चाहते थे उस हिसाब से उन्होंने गलत सब्जेक्ट 
चुन लिया था ! फिर क्या था करीयर को सही डायरेक्शन देने के लिए निकल पड़े और मद्रास के एक
college जिसका नाम MIT है ' में उनका नाम आ गया उस समय उसमे एडमिशन फीस 1000 रु.
था लेकिन पैसे का जुगाड़ नहीं हो पा रहा था तब उनके बहन ने अपने गहने - जेवर गिरवी रखकर
पैसे का इन्तेजाम किया कलाम सर कहते थे उस समय मेरा दिल पसीज गया !


एडमिशन हो गया और उन्होने Aironotics Engineering को चुना जो कि वो चाहते थे , कलाम
सर ने हमेशा Student को हिदायत देते थे कि कोइ भी सब्जेक्ट चुने तो अपने रूचि के हिसाब
से हि चुने !



कलाम सर का करियर - Career of APJ Abdul Kalam

अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी कि बरी आयी तो उन्होंने एक form 
Air Force का और एक Difence का Apply किया एयर फाॅर्स क इंटरव्यू देहरादून में और डिफेन्स 
का दिल्ली में था जब एयरफोर्स में इंटरव्यू दिया देहरादून में तो उनका 25 मे से 9 वा स्थान आया 
और सेलेक्ट होने से चुक गये उनका दिल बैठ गया निराशा से घिर गये लेकिन उनके गुरु ने उन्हें 
समझाया कि ये अंत नहीं है निराश मत हो !


फिर वो दिल्ली चले आये और यहाँ पर डिफेंस का उन्हें तुरन्त joining letter मिल गया और उन्होने 
ज्वाइन कर लिया यहाँ पर 250 रु / महिना सैलेरी मिलने लगी उस समय इतना ही बड़ी रकम थी !


यही पर एक प्रोजेक्ट चल रहा था एयरक्राफ्ट बनाने क जिसमे कलाम सर ने अपनी कुशलता दिखाते 
हुए उस एयरक्राफ्ट बना डाला और यही से इनकी कौसलता सबके सामने आयी और फिर इनका बाम्बे 
के Space Agency में इंटरव्यू हुआ और सेलेक्ट हो गए और यही पर उनका जीवन मिसाइल से जुड़ा 
और इन्हें हि इसका प्रोजेक्ट मिलने लगा जिसके अगुआई विक्रम साराभाई थे ! विक्रम साराभाई को 
कलाम सर बहुत पसंद करते थे और उनसे बहुत प्रभावित हुए थे !



यही पर उन्होंने काफी मुश्किलों का सामने करते हुए कई मिसाइल का सफल परीक्षण किया और 
अपने देश में मिसाइल के जन्मदाता बने और आगे चलकर भारत के राष्ट्रपति भी चुने गये ! 



इस तरह कलाम सर ने अपना पूरा जीवन science और देश को समरपित कर दिया और उन्होंने 
कोइ शादी नहीं कि और उनका कोइ परिवार नहीं इस तरह कलाम सर ने अपने जीवन का सफर करते 
हुये 27 जुलाई 2017 को अंतिम साँस लिया !



तो दोस्तो यह पोस्ट कैसा लगा हमे कमेन्ट करके जरुर बताये और अपने फ्रेंड्स फैमिली से शेयर करे 
और लोगो को inspired करे !    " धन्यवाद "      
















apj Abdul Kalam - क्या आप ये पूरा सच जानते है apj Abdul Kalam - क्या आप ये पूरा सच जानते है Reviewed by Apkajosh on 8/04/2017 Rating: 5

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